April 16, 2017May 20, 2021Dr. Jayesh Joglekar असफलता एक चुनौती है, इसे स्वीकार करो, क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो। जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम, संघर्ष का मैदान छोड़ कर मत भागो तुम। कुछ किये बिना ही जय जय कार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। — सोहनलाल द्विवेदी Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Like Loading...